हरियाणा: मुख्यमंत्री नायब सैनी ने किसानों के हित में लिया एक और बड़ा फैसला, इन किसानों की हो गई मौज

By: Topjoblist

On: April 23, 2025

Follow Us:

---Advertisement---

Job Details

Job Salary:

Job Post:

Qualification:

Age Limit:

Exam Date:

Last Apply Date:

चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किसानों के हित में एक और बड़ा कदम उठाते हुए निर्देश दिए हैं कि जिन गांवों में अब तक चकबंदी नहीं हुई है, वहां के किसानों की फसल अब ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल के बजाय ऑफलाइन माध्यम से खरीदी जाएगी। यह महत्वपूर्ण निर्णय मंगलवार, 22 अप्रैल 2025 को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान लिया गया। बैठक में राज्य मंत्री राजेश नागर भी मौजूद रहे। सीएम सैनी ने कहा कि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी और उनकी सरकार लगातार किसान कल्याण के लिए काम कर रही है।

चकबंदी न होने से किसानों को हो रही थी दिक्कत

सीएम सैनी ने बताया कि जिन गांवों में चकबंदी नहीं हुई है, वहां ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर डेटा न होने के कारण किसानों को अपनी फसल बेचने में कठिनाई हो रही थी। इस समस्या को देखते हुए सरकार ने ऑफलाइन खरीद की व्यवस्था शुरू की है। यह फैसला उन हजारों किसानों के लिए राहत भरा है, जो पोर्टल पर पंजीकरण न होने के कारण अपनी फसल नहीं बेच पा रहे थे। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाया जाए ताकि किसानों को मंडियों में कोई दिक्कत न हो।

उज्ज्वला और बीपीएल डेटा की होगी घर-घर जांच

बैठक में मुख्यमंत्री को बताया गया कि ‘हर घर-हर गृहिणी’ योजना के तहत 17.40 लाख महिलाओं ने पंजीकरण करवाया है। सीएम ने अधिकारियों को उज्ज्वला योजना और बीपीएल परिवारों के डेटा को घर-घर जाकर सत्यापित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए एलपीजी सिलेंडर वितरण के लिए डिपो पर गैस कंपनियों द्वारा शिविर आयोजित किए जाएंगे। सीएम ने यह भी सुनिश्चित किया कि बीपीएल परिवारों को एलपीजी सिलेंडर 500 रुपये की रियायती दर पर ही उपलब्ध होते रहें।

रबी सीजन में गेहूं और सरसों की बंपर खरीद

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले (स्वतंत्र प्रभार) राज्य मंत्री राजेश नागर ने बताया कि रबी सीजन 2025-26 के दौरान 1 से 21 अप्रैल तक हरियाणा में 52.04 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है, जिसमें से 23.32 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उठान मंडियों से किया गया है। इस दौरान 2,89,541 किसानों को 4,665.04 करोड़ रुपये का भुगतान उनके बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर किया गया है।

इसके अलावा, 15 मार्च से 21 अप्रैल 2025 तक हैफेड और हरियाणा वेयरहाउस कॉरपोरेशन ने 5.93 लाख मीट्रिक टन सरसों की खरीद की, जिसमें से 4.29 लाख मीट्रिक टन का उठान हो चुका है। अब तक 1,85,057 किसानों को सरसों की खरीद के लिए 2,368.14 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। यह राशि 72 घंटे के भीतर किसानों के खातों में पहुंच रही है, जो सरकार की पारदर्शी और त्वरित भुगतान प्रणाली को दर्शाता है।

किसानों के लिए अन्य सुविधाएं

सीएम सैनी ने मंडियों में किसानों की सुविधा के लिए कई निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मंडियों में बारदाने की कमी नहीं होनी चाहिए और आढ़तियों को किसानों के लिए कुर्सियां और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा जाए। इसके अलावा, 53 अटल किसान मजदूर कैंटीन मंडियों में संचालित हैं ताकि किसानों और मजदूरों को भोजन की कोई कमी न हो। जिला उपायुक्तों को खरीद प्रक्रिया की निगरानी के लिए पूरे सीजन के दौरान एक समर्पित टीम गठित करने के निर्देश दिए गए हैं।

रबी सीजन 2025-26 की खरीद और समर्थन मूल्य

हरियाणा सरकार ने रबी सीजन के लिए विभिन्न फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) निम्नलिखित तय किया है:

  • गेहूं: 2,425 रुपये प्रति क्विंटल

  • सरसों: 5,950 रुपये प्रति क्विंटल

  • जौ: 1,980 रुपये प्रति क्विंटल

  • चना: 5,650 रुपये प्रति क्विंटल

  • मसूर: 6,700 रुपये प्रति क्विंटल

  • सूरजमुखी: 7,280 रुपये प्रति क्विंटल

सरकार ने 75 लाख टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा है, जिसमें से 25% गेहूं केंद्रीय पूल में जाएगा। खरीद प्रक्रिया में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हैफेड, हरियाणा वेयरहाउस कॉरपोरेशन और भारतीय खाद्य निगम (FCI) शामिल हैं।

हरियाणा सरकार का किसान कल्याण पर जोर

मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि उनकी सरकार डबल इंजन की ताकत के साथ किसानों के हित में काम कर रही है। पिछले 10 वर्षों में सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ के तहत 20 लाख किसानों को 6,100 करोड़ रुपये और ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ के तहत 33 लाख किसानों को 8,600 करोड़ रुपये का क्लेम दिया गया है। प्राकृतिक आपदा से फसल नष्ट होने पर 13,000 करोड़ रुपये का मुआवजा भी किसानों को प्रदान किया गया है।

सोशल मीडिया पर सराहना

सीएम सैनी के इस फैसले की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है। X पर एक यूजर ने लिखा, “नायब सैनी का यह फैसला हरियाणा के किसानों के लिए गेम-चेंजर है। ऑफलाइन खरीद से चकबंदी न होने वाले गांवों के किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।” एक अन्य पोस्ट में कहा गया, “हरियाणा सरकार का किसान हितैषी रवैया काबिल-ए-तारीफ है।”

हरियाणा में किसानों का भविष्य उज्ज्वल

नायब सैनी की अगुवाई में हरियाणा सरकार ने किसानों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं। ऑफलाइन फसल खरीद का यह निर्णय उन किसानों के लिए वरदान साबित होगा, जो तकनीकी बाधाओं के कारण अपनी फसल नहीं बेच पा रहे थे। इसके साथ ही, त्वरित भुगतान, मंडी सुविधाएं और पारदर्शी खरीद प्रक्रिया हरियाणा को किसान हितैषी राज्य के रूप में और मजबूत कर रही है।

किसानों से अपील है कि वे अपनी फसल मंडियों में लाएं और ऑफलाइन खरीद प्रक्रिया का लाभ उठाएं। ताजा अपडेट्स के लिए हरियाणा सरकार की आधिकारिक वेबसाइट और ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर नजर रखें।

{Komal Deep Singh}

My name is Komal Deep Singh. I have 8 years of experience in the field of blogging, SEO, digital marketing and have developed a passion for helping beginners create amazing WordPress websites.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related Job Posts

Leave a Comment

error: Content is protected !!